Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 70.50

हतं त्रिशिरसं दृष्ट्वा तथैव च महोदरम्।
हतौ प्रेक्ष्य दुराधर्षौ देवान्तकनरान्तकौ ।। ६.७०.५० ।।

पूरा अध्याय