ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 7070.34वाल्मीकि रामायण 70.34स वायुसूनुः कुपितश्चिक्षेप शिखरं गिरेः। त्रिशिरास्तच्छरैस्तीक्ष्णैर्बिभेद बहुधा बली ।। ६.७०.३४ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय