ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 77.24वाल्मीकि रामायण 7.24तमेव त्वम् महाराज विसृजेन्द्रजितम् सुतम् । यावद्वानरसेनाम् ताम् परामाम् नयति क्ष्हयम् ॥६-७-२४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय