ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 77.14वाल्मीकि रामायण 7.14महाज्वरेण दुर्धर्षम् यमलोकमहार्णवम् । अवगाह्य त्वया राजन् यमस्य बल सागरम् ॥६-७-१४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय