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वाल्मीकि रामायण 69.57

आक्षिप्ताः क्षिप्यमाणाश्च भग्नशूलाश्च वानरैः।
पुनरङ्गैस्तथा चक्रुरासन्ना युद्धमद्भुतम् ।। ६.६९.५७ ।।

पूरा अध्याय