Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 69.31

देवान्तकः समादाय परिघं वज्रभूषणम्।
परिगृह्य गिरीं दोर्भ्यां वपुर्विष्णोर्विडम्बयन् ।। ६.६९.३१ ।।

पूरा अध्याय