Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 69.21

सर्वायुधसमायुक्तं तूणीभिश्च स्वलङ्कृतम्।
रराज गजमास्थाय सवितेवास्तमूर्धनि ।। ६.६९.२१ ।।

पूरा अध्याय