ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 6666.43वाल्मीकि रामायण 66.43सन्निपत्य च रक्षांसि दग्धशैलोपमो महान्। कुम्भकर्णो महावक्त्रः प्रहसन्निदमब्रवीत् ।। ६.६५.४३ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय