ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 6565.52वाल्मीकि रामायण 65.52निपपात तदा चोल्का ज्वलन्ती भीमनिस्वना। आदित्यो निष्प्रभश्चासीन्न प्रवाति सुखो ऽनिलः ।। ६.६५.५२ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय