ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 6565.49वाल्मीकि रामायण 65.49उल्काशनियुता मेघा बभूवुर्गर्दभारुणाः। ससागरवना चैव वसुधा समकम्पत ।। ६.६५.४९ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय