ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 6262.1वाल्मीकि रामायण 62.1स तु राक्षसशार्दूलो निद्रामदसमाकुलः । राजमार्गं श्रिया जुष्टं ययौ विपुलविक्रमः ।। ६.६२.१ ।।अगलापूरा अध्याय