Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 60.79

स यूपाक्षवचः श्रुत्वा भ्रातुर्युधि पराजयम् ।
कुम्भकर्णो विवृत्ताक्षो यूपाक्षमिदमब्रवीत् ।। ६.६०.७९ ।।।।

पूरा अध्याय