Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 57.36

वमन्त्यः पावकज्वालाः शिवा घोरं ववाशिरे ।
अन्तरिक्षात् पपातोल्का वायुश्च परुषो ववौ ।। ६.५७.३६ ।।।।

पूरा अध्याय