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वाल्मीकि रामायण 57.24

सधनुष्काः कवचिनो वेगादाप्लुत्य राक्षसाः ।
रावणं प्रेक्ष्य राजानं प्रहस्तं पर्यवारयन् ।। ६.५७.२४ ।।।।

पूरा अध्याय