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वाल्मीकि रामायण 55.2

शीघ्रं निर्यान्तु दुर्धर्षा राक्षसा भीमविक्रमाः ।
अकम्पनं पुरस्कृत्य सर्वशस्त्रप्रकोविदम् ।। ६.५५.२ ।।।।

पूरा अध्याय