ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 5151.26वाल्मीकि रामायण 51.26हयैः परमशीघ्रैश्च गजैन्द्रैश्च मदोत्कटैः । निर्ययू राक्षसव्याघ्रा व्याघ्रा इव दुरासदाः ।। ६.५१.२७ ।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय