ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 5151.15वाल्मीकि रामायण 51.15तदस्त्रबन्धमासाद्य यदि मुक्तौ रिपू मम । संशयस्थमिदं सर्वमनुपश्याम्यहं बलम् ।। ६.५१.१६ ।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय