ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 4848.23वाल्मीकि रामायण 48.23मा विषादं कृथा देवि भर्ता ऽयं तव जीवति । । ६.४८.२३ ।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय