ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 4343.41वाल्मीकि रामायण 43.41शिलाप्रहाराभिहतो विद्युन्माली निशाचरः । निष्पिष्टहृदयो भूमौ गतासुर्निपपात ह ।। ६.४३.४१ ।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय