ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 4343.13वाल्मीकि रामायण 43.13वीरः प्रतपनो घोरो राक्षसो रणदुर्धरः । समरे तीक्ष्णवेगेन नलेन समयुद्ध्यत ।। ६.४३.१३ ।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय