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वाल्मीकि रामायण 41.72

इत्युक्तः स तु तारेयो रामेणाक्लिष्टकर्मणा ।
जगामाकाशमाविश्य मूर्तिमानिव हव्यवाट् ।। ६.४१.७२ ।।।।

पूरा अध्याय