ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 3838.11वाल्मीकि रामायण 38.11गजो गव अक्षो गवयह् ज़रभो गन्ध मादनह् । पनसह् कुमुदज़् चैव हरो रम्भज़् च यूथपह् ।। ६-३८-११।।पिछलाअगलापूरा अध्याय