ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 3737.28वाल्मीकि रामायण 37.28दक्षिणे बाधताम् द्वारे महा पार्श्व महा उदरौ । हनूमान् पश्चिम द्वारम् निपीड्य पवन आत्मजः ॥६-३७-२८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय