Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 3.24

अयुतम् रक्षसाम् अत्र पश्चिम द्वारम् आश्रितम् ।
शूल हस्ता दुराधर्षाः सर्वे खड्ग अग्र योधिनः ॥६-३-२४॥

पूरा अध्याय