ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 33.20वाल्मीकि रामायण 3.20लंका पुरी निरालम्बा देव दुर्गा भय आवहा । न अदेयम् पार्वतम् वन्यम् कृत्रिमम् च चतुर् विधम् ॥६-३-२०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय