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वाल्मीकि रामायण 24.25

शुकः परमसम्त्रस्तो रक्षोधिपमुपागमत् ।
रावणः प्रहसन्नेव शुकम् वाक्यमुवाच ह ॥६-२४-२५॥

पूरा अध्याय