ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 2424.2वाल्मीकि रामायण 24.2प्रचचाल च वेगेन त्रस्ता चैव वसुन्धरा । पीड्यमाना बलौ घेन तेन सागरवर्चसा ॥६-२४-२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय