Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 22.9

प्रचकाशे तदाकाशमुल्काशतविदीपितम् ।
अन्तरिक्षाच्च निर्घाता निर्जग्मुरतुलस्वनाः ॥६-२२-९॥

पूरा अध्याय