ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 2222.85वाल्मीकि रामायण 22.85भीमम् अन्तर् दधे भीमा तरन्ती हरि वाहिनी । वानराणाम् हि सा तीर्णा वाहिनी नल सेतुना ॥६-२२-८५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय