ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 2121.4वाल्मीकि रामायण 21.4चन्दनागुरुभिश्चैव पुरस्तादभिसेवितम् ॥६-२१-४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय