Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 18.7

वचसा सान्त्वयित्वैनम् लोचनाभ्याम् पिबन्निव ।
आख्याहि मम तत्वेन राक्षसानाम् बलाबलम् ॥६-१९-७॥

पूरा अध्याय