ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 1818.38वाल्मीकि रामायण 18.38समुदाचार सम्युक्तम् इदम् वचनम् ऊचतुः । किम् अर्थम् नो नर व्याघ्र न रोचिष्यति राघव ॥६-१९-३८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय