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वाल्मीकि रामायण 13.4

बलात्कुक्कुटवृत्तेन प्रवर्तस्व महाबल ।
अक्रम्याक्रम्य सीताम् वै ताम् भुङिक्स्व च रमस्व च ॥६-१३-४॥

पूरा अध्याय