ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 122122.35वाल्मीकि रामायण 122.35कर्तव्यो न तु वैदेहि मन्युस्त्यागमिमं प्रति । रामेम त्वद्विशुद्ध्यर्थं कृतमेतद्धितैषिणा ।। ६.१२२.३५ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय