ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 118118.1वाल्मीकि रामायण 118.1तां तु पार्श्वस्थितां प्रह्वां रामः सम्प्रेक्ष्य मैथिलीम् । हृदयान्तर्गतक्रोधो व्याहर्तुमुपचक्रमे ।। ६.११८.१ ।।अगलापूरा अध्याय