ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 112112.2वाल्मीकि रामायण 112.2वीर विक्रान्त विख्यात विनीत नयकोविद । महार्हशयनोपेत किं शेषे ऽद्य हतो भुवि ।। ६.११२.२ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय