ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 111111.27वाल्मीकि रामायण 111.27निपपातान्तरिक्षाच्च पुष्पवृष्टिस्तदा भुवि । किरन्ती राघवरथं दुरवापा मनोरमा ।। ६.१११.२८ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय