Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 110.38

दशरथसुतराक्षसेन्द्रयोर्जयमनवेक्ष्य रणे स राघवस्य ।
सुरवररथसारथिर्महान् रणगतमेनमुवाच वाक्यमाशु ।। ६.११०.३९ ।।

पूरा अध्याय