Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 110.36

देवदानवयक्षाणां पिशाचोरगरक्षसाम् ।
पश्यतां तन्महद्युद्धं सर्वरात्रमवर्तत ।। ६.११०.३७ ।।

पूरा अध्याय