ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 1111.3वाल्मीकि रामायण 11.3स हेमजालविततम् मणिविद्रुमभूषितम् । उपगम्य विनीताश्वमारुरोह महार्थम् ॥६-११-३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय