ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 1111.15वाल्मीकि रामायण 11.15सुवर्णरजतास्तीर्णाम् विशुद्धस्फटिकान्तराम् । विराजमानो वपुषा रुक्मपट्टोत्तरच्चदाम् ॥६-११-१५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय