ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 109109.9वाल्मीकि रामायण 109.9ते शरास्तमनासाद्य पुरन्दररथध्वजम् । रथशक्तिं परामृश्य निपेतुर्धरणीतले ।। ६.१०९.९ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय