Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 107.28

एतच्छुत्वा महातेजा नष्टशोको ऽभवत्तदा ।
धारयामास सुप्रीतो राघवः प्रयतात्मवान् ।। ६.१०७.२८ ।।

पूरा अध्याय