ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 106106.16वाल्मीकि रामायण 106.16रथोद्वहनखिन्नाश्च त इमे रथवाजिनः । दीना धर्मपरिश्रान्ता गावो वर्षहता इव ।। ६.१०६.१६ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय