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वाल्मीकि रामायण 104.26

स तां मातलिना ऽ ऽनीतां शक्तिं वासवनिर्मिताम् ।
जग्राह परमक्रुद्धो राघवो रघुनन्दनः ।। ६.१०४.२६ ।।

पूरा अध्याय