Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 104.21

तद्रावणकरान्मुक्तं विद्युज्ज्वालासमाकुलम् ।
अष्टघण्टं महानादं वियद्गतमशोभत ।। ६.१०४.२१ ।।

पूरा अध्याय