Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 104.14

समुद्यम्य महाकायो ननाद युधि भैरवम् ।
संरक्तनयनो रोषात् स्वसैन्यमभिहर्षयन् ।। ६.१०४.१४ ।।

पूरा अध्याय