ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 100100.7वाल्मीकि रामायण 100.7पूरिता तेन शब्देन सनदीगिरिकानना। सञ्चचाल मही सर्वा सवराहमृगद्विपा ।। ६.१००.७ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय