ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 100100.49वाल्मीकि रामायण 100.49विलयं जग्मुराकाशे जग्मुश्चैव सहस्रशः । । ६.१००.४९ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय