ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 99.23वाल्मीकि रामायण 9.23मणि सोपान विक्Rताम् हेम जाल विराजिताम् । स्फाटिकैर् आव्Rत तलाम् दन्त अन्तरित रूपिकाम् ॥५-९-२३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय